जाने कैसे बने शुभम कुमार UPSC के टॉपर | How Shubham Kumar Score AIR 1 in UPSC

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दोस्तों अपने शुभम कुमार के बारे में तो सुना ही होगा, इन्होंने भारत के सबसे सर्वोच्च स्तर की परीक्षा यू॰पी॰एस॰सी॰ (UPSC) को टोप करा और पूरे भारत में पहला स्थान हासिल करा है। शुभम कुमार आज किसी सिलेब्रिटी (Celebrity) से कम नही है। जो विद्यार्थी यू॰पी॰एस॰सी॰ (UPSC) की त्यारी कर रहे उनके लिए शुभम एक प्रेरणा है। शुभम ने तीन बार पेपर को दिया, एक बार इनका रैंक (Rank) 290 आया और तीसरी बार में इनका रैंक पहला (1) आया।

पर क्या अपने कभी सोचा है कि शुभम ने पहला स्थान कैसे प्राप्त किया ? आख़िर इनकी रणनीति क्या थी ?

तो चलो आज पढ़ते है कि आख़िर कैसे बने शुभम कुमार UPSC के टॉपर (How Shubham Kumar Score AIR 1 in UPSC) और जानते की इनकी रणनीति के बारे में।

हमने पहले भी शुभम के ऊपर एक पोस्ट (Post) लिख रखी है जिसमें हमने शुभम के जीवनी के बारे में बताया है। अगर अपने वो पोस्ट अभी तक नही देखी तो आप उससे पढ़ सकते है।

यह भी पढ़े- शुभम कुमार का जीवन परिचय (Biography)

शुभक कुमार की रणनीति यूपीएससी में टोप करने के लिए (Shubham Kumar strategy to top UPSC)

शुभम कुमार ने हमेशा मूलभूत (Basic) सिलबस (Syllabus) पर फ़ोकस करा। इन्होंने मूलभूत को सबसे ज़रूरी चीजों में से एक बताया है पेपर को क्लीर (Clear) करने में। शुभम का कहना है कि सिलबस (Syllabus) को पूरा करो, ना की किसी किताब को। सिलबस ज़्यादा ज़रूरी है ना की किताब। बहुत से विद्यार्थी किताबों को पूरा कर देते है परंतु उनका पाठ्यक्रम (Syllabus) अधूरा रह जाता है और समय निकल जाने पर व बाद में पछताते है। तो त्यारी के पहले दिन से ही अपने समय सारणी (Time table) को ऐसे बनाओ की आपका पाठ्यक्रम पेपर आने तक पूरा हो जाए।

शुभम ने राजनीतिक (Political Science) की त्यारी के लिए लक्षिमिकांत (Laxmikant Polity) किताब को पूरा कभी नही पढ़ा। यह एक आसचरिय की बात है लेकिन यह सच है। शुभम का कहना है कि उन्होंने हमेशा लक्ष्मीकान्त से सिर्फ़ वही चीजें पढ़ी जो उन्होंने कोचिंग (Class) में नही पढ़ाई गई। शुभम ने कभी भी क्लास (Class) के नोट्स (Notes) नही पढ़े। वे केवल क्लास में चीजों को समझने जाते थे और हमेशा अपने नोट्स बनाते थे।
शुभम अपनी त्यारी के पहले दिन से ही अपने ही नोट्स बनाने लग गए थे। यह हमेशा शॉर्ट्स नोट्स (Short Notes) बनाते थे, ताकि पेपर (Exam) से पहले सारी चीजों का संशोधन (Revise) कर सके।

कम पढ़े लेकिन इतना पढ़े की आप चीजों को याद रख सके। कुछ बच्चों की आदत होती है ज़्यादा से ज़्यादा से स्टडी मटीरीयल (Study material) को इकट्ठा करने की ऐसा बिलकुल मत करे। अपने पढ़ने का मटीरीयल (Study material) इतना रखे की आप उससे बाद में अच्छे से संशोधन (Revise) कर सके।

शुभम ने जब पेपर दिया था तो उस समय सामयिकी (Current Affairs) को ज़्यादा पूछते थे। तो शुभम ने उसी हिसाब से त्यारी करी थी। सामयिकी (Current Affairs) के लिए शुभम रोज़ शुभे अख़बार पढ़ते थे और साप्ताहिक (Weekly) पत्रिका (Magazine) पढ़ते थे। शुभम अल्ल इंडिया रेडीओ (All India Radio) भी सुनते थे हर रोज़ ताकि वो सामयिकी (Current Affairs) को बारीकी से समझ सके। इनके भी यह शॉर्ट्स नोट्स (Shorts Notes) बना लेते थे। ताकि बाद में इन्हें पढ़ सके।

अख़बार और पत्रिका एक अहम चीज़ है सामयिकी (Current Affairs) पर पकड़ बनाने के लिए। बाक़ी की चीजों को करने के लिए आप ऑनलाइन या टीवी की भी मदद ले सकते है। गूगल एक अहम भूमिका निभाता है आपके सामयिकी (Current Affairs) और पाठ्यक्रम (Syllabus) को पूरा करने में क्योंकि बहुत बार ऐसा होता है कि आपको अख़बार और पत्रिका में चीजें नही मिलती।

शुभम कुमार की तीसरी चीज़ जिसने इनको बहुत मदद करी परीक्षा में वो थीं मॉक टेस्ट (Mock Test). शुभम हमेशा टेस्ट देने में विश्वास रखते है। बहुत से बच्चे ऐसे होते है जो सिर्फ़ पढ़ते पढ़ते रहते है और सिलबस (Syllabus) को पूरा करने के चक्कर में, वो सोचते है कि अगर वो टेस्ट देंगे तो उनका समय ख़राब होगा। लेकिन यह बिलकुल ग़लत बात है क्योंकि इतना ज़्यादा सिलबस (Syllabus) होने के कारण आप उसे आख़री समय तक नही ख़त्म कर पाओगे।

शुभम टेस्ट को ज़्यादा महत्व देते थे इसलिए उन्होंने फ़ाइनल पेपर (Final UPSC exam) से पहले 2019 में 70 मॉक टेस्ट दिए और 2020 में उनके पास कम समय था फिर भी 40-50 मॉक टेस्ट दिए।वो अपने कमरे में भी रोज़ ऊतर लिखने (Answer writing) का अभ्यास करते थे और 3 घंटे असली पेपर की तरह लिखने का अभ्यास भी करते थे।

शुभम ने शुरू से ही कम चीजें रखी पढ़ने के लिए और अपने शॉर्ट्स निटेस (Shorts Notes) साथ के साथ बनाए ताकि व बाद में उससे पढ़ सके। फ़ाइनल पेपर (UPSC Mains Exam) से 4 दिन पहले ही इन्होंने अपने सारे नोट्स को पढ़ना शुरू कर दिया था। इन्होंने जितना भी कुछ पढ़ा था पूरे साल में वो सारा वापिस से नोट्स के रूप में पढ़ दिया था और आख़िरी दिन इन्होंने पिछले 3 दिन में जो कुछ पड़ा था वो एक बार फिर से पढ़ लिया था।

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शुभम कुमार के पढ़ने का तरीक़ा (UPSC Exam Strategy)

शुभम ने कम चीजें पढ़ी लेकिन उनको बार बार संशोधन (Revise) करा जिससे चीजें पक्की होती चली गई। इन्होंने बेसिक (Basic) चीजों को बहुत मज़बूत करा। यह अपनी त्यारी के समय मॉडल ऊतर (Model answers) को भी पढ़ते थे और जो जो चीजें उसमें से अच्छी लगती थी उन्हें अपने नोट्स में लिख लेते थे। गूगल से भी इन्होंने बहुत ज्ञान प्राप्त किया। इन्होंने इसे अपनी त्यारी का एक अहम हिस्सा बताया है। इसके अलावा इन्होंने पिछले साल के पुराने पेपर को भी अच्छे से पढ़ा। अपनी त्यारी में शॉर्ट्स नोट्स (Shorts notes) को बहुत महत्व दिया।

शुभम कुमार का संदेश और टिप्स सभी यूपीएससी विद्यार्थी (Message and tips to all UPSC Aspirants)

शुभम का कहना है कि त्यारी के समय हमेशा विद्यार्थी को अच्छे वातावरण में रहना चाहिए और उसके आस पास सकारात्मक चीजें होनी चाहिए। सोशल मीडिया से शुभम दूर थे। शुभम इससे विचलित (Distract) होते थे और पढ़ाई में पीछे रह जाते थे और यह इनके समय को भी ख़राब करता था। इसलिए हो सके तो आप भी सोशल मीडिया से दूर रह क्योंकि इसके इतने फ़ायदे नही है जितने इसके नुकसान है। अपनी त्यारी अच्छे से करे और ध्यान ने दे की दूसरे व्यक्ति आपके बारे में क्या कहते है या क्या सोचते है आपको सिर्फ़ अपने लक्ष्य पर नज़र रखनी है। अगर आपके पास बुरे दोस्त है तो आप त्यारी से पहले ही उनसे दूरी बना ले। जब आपका सिलेक्शन (Selection) हो जाएगा तो आपके सारे दोस्त और रिश्तेदार अपने आप वापिस आ जाए गे।

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निष्कर्ष (Conclusion)

अब आपके मन में यह सवाल भी आ रहाँ होगा कि कोई टॉपर (Topper) कुछ कहता है तो कोई कुछ तो किसकी सुने हम ?

देखिए, हर कोई अपना इक्स्पिरीयन्स (Experience) बताता है आपका सिलेक्शन होने के बाद आप भी अपना बताओ गे। लेकिन आपको सुन्नी सबकी है और फिर अपनी खुद की रणनीति बनानी है। बहुत से बच्चे दूसरों के टाइम टेबल (Time table) को अपनाने की सोचते है और 3-4 दिन बाद उससे पक जाते है। आप ऐसे अपने आप को किसी दूसरे की तरह नही बदल सकते। चीजों के हिसाब से ना बदलो बल्कि चीजों को अपने हिसाब से बदलो।

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